प्रिय गणपति बप्पा
प्रिय गणपति बप्पा,
आपके इस स्वार्थी भक्त का सादर प्रणाम।
मैं जानता हूँ कि मैं आपको सिर्फ तभी याद करता हूँ जब मैं मुश्किलों और मुसीबतों में घिर जाता हूँ, लेकिन मुझे आप पर पूरा विश्वास है कि आप हमेशा मुझे इन मुसीबतों से बाहर निकलने का रास्ता दिखाते हैं।
मुझे याद है, जब मैं बहुत बड़ी मुसीबत में था और मुझे मनोचिकित्सक (Mental Health Support) की ज़रूरत थी, तब भी मैंने आपसे प्रार्थना की थी, और आपने ही मुझे सँभाला।
मैंने आपसे कई बार यह प्रार्थना भी की थी कि मेरा मन पूजा-पाठ में नहीं लग रहा है। मैंने कहा था कि अगर मेरे लिए कोई ग्रहों की शांति, होम, हवन, या पूजा-पाठ कराना ज़रूरी हो, तो आप मेरे लिए वह भी कर दीजिए। मैंने खुद को आपके भरोसे पर छोड़ दिया है।
बप्पा, मैं आपके भरोसे मेहनत करूँगा। मुझे जीवन में गलत मार्ग पर नहीं जाना है। मेरे जीवन में अच्छे लोगों को भेजिए। मुझे जीवन में जो भी पाना है, वह मैं अपनी मेहनत से पा लूँगा। मुझे बस आपका आशीर्वाद चाहिए।
आपने ही मुझे स्वामी विवेकानंद और आचार्य चाणक्य जी के विचारों से अवगत कराया। मैं आपके भरोसे मेहनत करता रहा, और अभी भी मेहनत कर रहा हूँ, और मुझे अपने जीवन में सुधार महसूस हो रहा है।
आपके मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।
आपका स्वार्थी भक्त प्रकाश
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